Seekers will always find a way to get to the truth and the only way to truth is through knowledge. But how is one supposed to get knowledge? The answer is simple: by being curious;and the best part about being curious is that it feels like being a kid again. Welcome to my blog, where I present to you my knowledge comprising interesting facts, narratives,descriptions and imagery in the most concise way possible. Stay curious folks!

Okhla Bird Sanctuary

ओखला पक्षी उद्यान एक पक्षी उद्यान है जो कि ओखला में यमुना नदी के ऊपर बसा हुआ है। यह नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। यह पक्षी उद्यान करीब 300 पक्षियों का घर कहा जाता है ।जिसमें ज्यादातार पानी वाले पक्षी है।

ओखला पक्षी उद्यान एक पक्षी उद्यान है जो कि ओखला में यमुना नदी के ऊपर बसा हुआ है। यह नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। यह पक्षी उद्यान करीब 300  पक्षियों का घर कहा जाता है ।जिसमें  ज्यादातार पानी वाले पक्षी है।



सन्  1990 में करीब 3.5 square किलोमीटर  में यमुना नदी के ऊपर इस पक्षी उद्यान को उत्तर प्रदेश सरकार ने Wildlife Protection Act 1972, के अन्तर्गत बनाया था। यह पक्षी उद्यान ठीक दिल्ली और उत्तर प्रदेश के  बॉर्डर पर  स्थित है जहां  से यमुना नदी उत्तर प्रदेश में बेहना शुरू होती है।   उद्यान की सबसे मज़ेदार चीज इसमें स्थित एक बड़ी सी झील है जो के यमुना नदी पे बांध बना कर बनाई गई है। जो कि ओखला गांव से लगी हुई है । यह पक्षी उद्यान उन 15 पक्षी उद्यानों में से एक  हैं जो की उत्तर प्रदेश राज्य में  स्थित है।



यह उद्यान उन पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता था जिन्हें पक्षियों को देखने और सुनने में अच्छा लगता है।

यहां करीब 400 से ज्यादा पक्षियों के प्रजातियां पाई जाती है। जिनमें से कुछ तो बहुत कम पाई जाती है। यहां बहुत सी ऐसे प्रजातियां भी पी जाती है जिन्हे Endangered प्रजातियों में रखा जाता है। यहां सर्दियों में करीब एक लाख Migratory पक्षी भी पाए जाते है । जो कि यहां का मुख्य आकर्षण रहते है। भारत में पाई जाने वाली पक्षियों की प्रजातियों में  30%  यहां पाई जाती है। 



पर कुछ समय से बड़ रहे भवन निर्माण से यहां का बतावरण खराब होता जा रहा है। जिसके चलते यहां यहां आने वाले पक्षियों की संख्या भी कम हो गई है। सरकार के आदेश अनुसार पक्षी उद्यान के 10 किलोमीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करना अवेध है | पर लगातार हो रहे निर्माण, और दिन व दिन बड़ते प्रदुषण से यहाँ का माहौल काफी ख़राब हुआ है | जिसके चलते यहाँ पक्षियों का आना जाना भी कम हो गया है |



अब इस पक्षी उद्यान में बहुत कम लोग ही आते है जिसका बहुत बड़ा कारण है यहाँ का वातावारण जो किसी को भी यहाँ न आने को मजबूर कर दे |

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