Seekers will always find a way to get to the truth and the only way to truth is through knowledge. But how is one supposed to get knowledge? The answer is simple: by being curious;and the best part about being curious is that it feels like being a kid again. Welcome to my blog, where I present to you my knowledge comprising interesting facts, narratives,descriptions and imagery in the most concise way possible. Stay curious folks!

NAAC- The Council For Accreditation of Universities

NAAC (National Assessment and Accreditation Council) एक ऐसी संस्था है जो की पुरे भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों का assessment करती है और उसी हिसाब से उन्हें points देती है | अग़र NAAC किसी शिक्षा संस्थान को अच्छे points या grade देती है तो उसकी value काफी बड़ जाती है |


NAAC (National Assessment and Accreditation Council) एक ऐसी संस्था है जो की पुरे भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों का assessment करती है और उसी हिसाब से उन्हें points देती है | अग़र NAAC किसी शिक्षा संस्थान को अच्छे points या grade देती है तो उसकी value काफी बड़ जाती है |


 इसकी स्थापना वर्ष 1994 में हुई थी, और तब से ये संस्था पुरे देश के उच्च शिक्षा संस्थानों का निरिक्षण करती है | इस संस्था की funding भारतीय सरकार की University Grant Commission (UGC) करती है | यह एक open संस्था है जो की अपने हिसाब से काम करती है |


NAAC का Head Office Bangalore में स्थित है, और यह हर साल विश्वविद्यालयो और महाविधालयो को grades देती है | इस संस्था के अपने मापदंड होते है grades देने के लिए -----

Range of Institutional CGPA
Letter Grade
Performance Descriptor
3.01 - 4.00
A
Very Good (Accredited)
2.01 – 3.00
B
Good (Accredited)
1.51 – 2.00
C
Satisfactory (Accredited)
  1.50
D
Unsatisfactory (Not Accredited)
    


NAAC अपने 7 मापदंडो के हिसाब से universities को grades देती है----

1 Curricular Aspect
2 Innovation and Best Practices
3 Infrastructure and Learning Resources
4 Governance, Leadership and Management
5 Student Support and Progression
6 Research, Consultancy and Extension
7 Teaching- Learning and Evaluation


जो विधालय इन साथ शर्तो पे खरे उतरते है उन्हें ही NAAC अच्छे grades देती है | अगर ये संस्थान किसी भी विधालय को ख़राब grades देती है तो उस विधालय की इज्ज़त ख़राब होती है और साथ ही उस संस्थान को काफी नुकसान उठाना पड़ता है जैसे की –

अगर किसी संस्थान को ख़राब grades मिले है तो उस संस्थान के sponsors, trustees and अन्य निवेशक जो की उस संस्थान के साथ अपना नाम जोड़ते है उनको भी नुकसान उठाना पड़ता है | साथ ही बहुत सी कम्पनीयों NAAC grades check करके ही placement के लिए college आती है| साथ ही इससे संस्थान में पड़ रहे बच्चो के भविष्य पे भी बुरा असर पड़ता है | साथ ही एडमिशन के समय पर भी बच्चे ऐसे संस्थानों में एडमिशन लेना पसंद नहीं करते है |  


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